और कितने लाशों पर अपना नाम लिखेंगे आप?
16 मज़दूर औरंगाबाद में ट्रैन की पटरी के नीचे कुचल के मर गए है। शायद आप तक यह खबर पहुंच भी गई है। आपको शायद बताया जा रहा है कि यह हादसा था। हादसा क्या होता है? हादसा वह होता है जहां किसीको पता नहीं रहता कि वह होनेवाला है। रवीश कुमार अपने चैनल पर हफ्तों से बता रहे थे/है कि पुलिस अपने गंतव्य की तरफ चलनेवाले मज़दूर वर्ग के लोगों को रास्तो से कैसे हटा रही है और पुलिस से बचने के लिए मज़दूर कैसे रेल्वे की पटरियों पर चल रहे है। वे कह रहे थे कि यह कितना भयावह और ख़तरनाक है।